माँ

🌷 जन्मदिवस 5 मई 🌷
माँ एक निश्छल मुस्कान*
----एक स्मृति जो कभी विस्मृत नहीं हो सकती--- "जिस शब्द में सारा संसार सिमटा है"
मेरी माँ--
*जिसका जीवन ही यज्ञ रहा*
*अनुशासन, व्यवस्था ,नियम, सत्य वादन और लक्ष्य साधना 
जिसके जीवन के पाँच मूल्य रहे* *जिसने असम्भव को संभव में परिणत किया,*
 *असफलताओं और निराशा को अपने पर कभी हावी नहीं  होने दिया* * छः वर्ष की आयु में  माता-पिता की छाया से वंचित संघर्षों के मार्ग पर चलते हुऐ शिक्षा पूर्ण कर   स्वतः  अपना निर्माण किया ,अपने व्यक्तित्व को  ऊँचा उठाया*,  
*पिताजी के साथ मिल कर हमारी उँगली थाम, मार्ग कंटक विहीन कर उस पगडंडी पर लेकर बढीं जिसने  हमें सफलता तक पहुँचाया*।*मुझ जैसे कच्चे घडे को तराशा आत्मनिर्भर  बनाया*
मुझे याद है माँ की वह ममता भरी आँखे  जब हमारी  उपलब्धि  पर  भीगी' और  दुख में छलकीं।
*पत्नी,  माँ,  शिक्षक, ओजस्वी वक्ता , सशक्त लेखन,आर्य समाज प्रधाना,दादी- नानी हर रूप  के साथ माँ का तेज बढा।
* हमें अपनी माँ पर सदा गर्व रहा कि उनकी  निस्वार्थ भूमिका  और सेवाओं के कारण हर एक से उन्हें भरपूर प्यार,प्रशंसा और सम्मान मिला है*
इन सभी से हट कर-😌🙂
1-माँ के एक phone call और उलाहना कि  पिकि  जल्दी फोन क्यों नहीं उठाती ?आज भी प्रतीक्षा रहती है।
2- गायत्री मंत्र जाप कर रही हूँ या नहीं 
3-प्राणायम करा या नहीं,
और  भी बहुत कुछ ------
इस बात से माँ  सबसे अधिक प्रसन्न होती थीं कि प्रायः मेरे परिवार में  हवन होता है🍁

एक बात जो हमें अचंभित 
करती आयी 60साल की आयु में कार चलाना सीखा और जीवन के अंतिम समय 85 वर्ष की आयु तक चलाती रहीं । 
माँ की जीवंतता  और आत्मविश्वास को प्रणाम 🙏
आज  5 मई माँ के जन्मदिवस पर माँ की जीवन यात्रा की झलकियां 🙏⚘
            सुरभि 🙏

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