🌷 जन्मदिवस 5 मई 🌷 माँ एक निश्छल मुस्कान* ----एक स्मृति जो कभी विस्मृत नहीं हो सकती--- "जिस शब्द में सारा संसार सिमटा है" मेरी माँ-- *जिसका जीवन ही यज्ञ रहा* *अनुशासन, व्यवस्था ,नियम, सत्य वादन और लक्ष्य साधना जिसके जीवन के पाँच मूल्य रहे* *जिसने असम्भव को संभव में परिणत किया,* *असफलताओं और निराशा को अपने पर कभी हावी नहीं होने दिया* * छः वर्ष की आयु में माता-पिता की छाया से वंचित संघर्षों के मार्ग पर चलते हुऐ शिक्षा पूर्ण कर स्वतः अपना निर्माण किया ,अपने व्यक्तित्व को ऊँचा उठाया*, *पिताजी के साथ मिल कर हमारी उँगली थाम, मार्ग कंटक विहीन कर उस पगडंडी पर लेकर बढीं जिसने हमें सफलता तक पहुँचाया*।*मुझ जैसे कच्चे घडे को तराशा आत्मनिर्भर बनाया* मुझे याद है माँ की वह ममता भरी आँखे जब हमारी उपलब्धि पर भीगी' और दुख में छलकीं। *पत्नी, माँ, शिक्षक, ओजस्वी वक्ता , सशक्त लेखन,आर्य समाज प्रधाना,दादी- नानी हर रूप के साथ माँ का तेज बढा। * हमें अपनी माँ पर सदा गर्व रहा कि उनकी निस...