जीवन दर्शन( 1)

"ऋषि मुनियों और संतों के बताये  मार्ग, कहे वचनों पर चल रहे हैं । इच्छाएं सीमित,सीमित साधन, न लालसा न द्वेश
 जीवन सत्य का ज्ञान "

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